दुदही में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की बिक्री का वीडियो सामने आने से हड़कंप, मल्ला जी के मेडिकल स्टोर पर भी उठे सवाल
दुदही, कुशीनगर। दुदही कस्बे में बिना डॉक्टर की सलाह और कथित तौर पर बिना बिल के नशीली/कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री को लेकर शिकायत के बाद अब एक वीडियो सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में पूर्वी रेलवे ढाले से करीब सौ मीटर दक्षिण स्थित अंसारी मेडिकल स्टोर से कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की बिक्री होती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। दुकान के संचालक के रूप में इसहाक का नाम बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले को लेकर शिवशंकर कुशवाहा ने जिलाधिकारी कुशीनगर को शिकायती पत्र देकर नशीली दवाओं की बिक्री की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में डॉक्टर के पर्चे के बिना ऐसी दवाओं की बिक्री की जा रही है और कई मामलों में बिल भी नहीं दिया जाता।
शिकायतकर्ता का कहना है कि दुदही क्षेत्र में कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अब कथित बिक्री का वीडियो सामने आने के बाद औषधि विभाग की जांच और मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड तथा बिलों की जांच की मांग तेज हो गई है।
इसी मामले में पूर्वी रेलवे ढाले के आसपास स्थित मल्ला जी के मेडिकल स्टोर को लेकर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि वहां भी ऐसी दवाओं की बिक्री की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गौरतलब है कि कुशीनगर में पहले भी कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री को लेकर औषधि विभाग की कार्रवाई सामने आ चुकी है। दिसंबर 2025 की एक रिपोर्ट में जिले की कई फर्मों को नोटिस दिए जाने और दो फर्मों के निलंबन की जानकारी दी गई थी। �
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अब दुदही में सामने आए कथित वीडियो ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही दवा वास्तव में नियंत्रित/नशीली श्रेणी की है, तो उसकी बिक्री किस नियम और किस दस्तावेज के आधार पर की जा रही थी? इसकी पुष्टि के लिए औषधि विभाग द्वारा संबंधित दुकानों की जांच, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर का मिलान तथा वीडियो की सत्यता की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल सामने आए वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। औषधि विभाग और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित मेडिकल स्टोरों पर नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावे और सामने आए वीडियो पर आधारित हैं; संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।